Constituency-wise Result Finder : General Elections India
भारतीय जनता पार्टी का पूर्वांचल में गणित बिगाड़ सकती है सपा
Publish Date :
03/21/2014

 आजमगढ़/लखनऊ, 19 मार्च। नेताजी एक दिन आकर लोकसभा चुनाव के लिए पर्चा भरकर चले जाएं, आजमगढ़ की सम्मानित जनता उनका चुनाव लड़ेगी और उन्हें रिकॉर्ड मतों से विजयी बनाकर भेजेगी। उनको बार-बार आजमगढ़ आने की कोई जरूरत नहीं है। हम लोग नेताजी की जीत का सर्टिफिकेट लेकर उनके पास जाएंगे। हमारे लिए यह बहुत सौभाग्य की बात है कि यहां से नेताजी चुनाव लड़ेंगे। आजमगढ़ की जनता इस बार सांसद नहीं बल्कि देश का प्रधानमंत्री चुनेगी। यह कहना है हवलदार यादव का। ये वही हवलदार यादव हैं जिन्हें पहले समाजवादी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन अब उनकी जगह सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव चुनाव मैदान में हैं।

 
हवलदार यादव सपा के आजमगढ़ जिलाध्यक्ष भी हैं। लोकसभा टिकट कटने का उन्हें कोई मलाल नहीं है। वे कहते हैं, टिकट क्या चीज है...नेताजी के लिए जरूरत पड़ी तो जान भी कुर्बान करने से पीछे नहीं हटूंगा। हम समाजवादी पार्टी के सच्चे सिपाही हैं। नेताजी हमारे अभिभावक हैं। हम नेताजी को प्रधानमंत्री के पद पर देखना चाहते हैं। देश की जनता इस बात को अच्छी तरह से जानती है कि मुलायम सिंह यादव ही सांप्रदायिक शक्तियों को रोकने में सक्षम हैं। नेताजी के आजमगढ़ से चुनाव लड़ने से समाजवादी पार्टी को पूर्वांचल में भारी फायदा पहुंचेगा।
 
समाजवादी पार्टी ने पहले आजमगढ़ से अपने कद्दावर नेता और सूबे के पंचायतीराज मंत्री बलराम यादव को लोकसभा का टिकट दिया था, लेकिन जब उन्होंने चुनाव लड़ने से मना किया तो पार्टी ने हवलदार यादव को टिकट दिया था। हवलदार यादव कहते हैं, एक दिन नेताजी का आदेश हुआ कि तुम्हें लोकसभा का चुनाव लड़ना है। मैं उनके आदेश का पालन करते हुए चुनाव मैदान में कूद गया। अब जब नेताजी खुद आजमगढ़ से चुनाव लड़ रहे हैं तो हम सब उनको रिकॉर्ड मतों से जिताने के लिए जी-जान लगा देंगे। नेताजी का आजमगढ़ से हमेशा विशेष लगाव रहा है। नेताजी ने आजमगढ़ में विकास के बहुत काम करवाए हैं। पूर्वांचल को लेकर नेताजी हमेशा बहुत संवेदनशील रहे हैं।
 
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सूबे के पंचायतीराज मंत्री बलराम यादव कहते हैं, पूर्वांचल की जनता लंबे समय से यह मांग कर रही थी कि नेताजी को आजमगढ़ से चुनाव लड़ना चाहिए। जनता की भावनाओं की कद्र करते हुए नेताजी ने आजमगढ़ से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इस बार लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बलिया से लेकर गाजियाबाद तक समाजवादी पार्टी की आंधी बहेगी। लोकसभा चुनाव में भाजपा का बाजा बज जाएगा।
 
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ को अपने लिए बहुत भाग्यशाली मानते हैं। 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत आजमगढ़ से की थी। विधानसभा चुनाव में सपा की ऐतिहासिक जीत हुई थी। आजमगढ़ जिले की 10 में से नौ सीटों पर सपा ने विजय हासिल की थी। उसी टोटके को आजमाते हुए लोकसभा चुनाव के लिए भी सपा ने अपने प्रचार अभियान की शुरुआत आजमगढ़ से की। सपा की पहली देश बचाओ-देश बनाओ महारैली आजमगढ़ में हुई थी।
 
समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की नजर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर है। वे बार-बार पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहते हैं कि ये चुनाव मेरा है। कहीं कोई चूक या गड़बड़ नहीं होनी चाहिए। लोकसभा चुनाव में पार्टी को ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतनी चाहिए। जाहिर है कि जब लक्ष्य बड़ा है तो एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रखना होगा।  
 
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता प्रो. रामगोपाल यादव ने मंगलवार की दोपहर जब यह ऐलान किया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने पूर्वांचल की जनता की मांग पर मैनपुरी के साथ आजमगढ़ से भी चुनाव लड़ने का फैसला किया है, तो आजमगढ़ समेत पूर्वांचल के तमाम जिलों में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। सपा के लोगों ने होली और दीपावली एक साथ मनाई। जानकारों का मानना है कि आजमगढ़ से मुलायम सिंह यादव के चुनाव लड़ने से कम से कम एक दर्जन सीटों पर सपा को सीधा लाभ होगा। सपा सुप्रीमो के इस फैसले से पूर्वांचल में पार्टी के कार्यकर्ताओं में नया जोश आ गया है। पिछले लोकसभा चुनाव में सपा ने पूर्वांचल की 10 सीटों पर जीत हासिल की थी। मुलायम सिंह के फैसले से अब ऐसा माना जा रहा है कि सपा पूर्वांचल में पिछली बार के मुकाबले ज्यादा सीटें जीतेगी।  
 
आजमगढ़ जिला मुख्यालय पर डीएम आवास के पास लगी एक होर्डिंग लोगों का ध्यान बरबस अपनी तरफ आकर्षित करती है। इस होर्डिंग पर लिखा हुआ है- आजमगढ़ की जनता की यही पुकार, मुलायम सिंह यादव पीएम बनेंगे अबकी बार। इस होर्डिंग में नीचे की तरफ लिखा हुआ है- आजमगढ़ के लोगों का यह सौभाग्य है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में वे सांसद नहीं बल्कि प्रधानमंत्री चुनेंगे।
 
यादव और मुस्लिम बाहुल्य आजमगढ़ जिले में आज पूरे दिन लोगों के बीच केवल सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और नरेंद्र मोदी की चर्चा होती रही। चाहे आम जन हो या राजनेता या अधिकारी... सभी इसी चर्चा में मशगूल दिखे। लोगों का कहना था कि आजमगढ़ से चुनाव लड़ने का फैसला लेकर मुलायम सिंह यादव ने राजनीति के अखाड़े में मोदी को पहली पटखनी दे दी है। मुलायम सिंह के इस दांव से भारतीय जनता पार्टी समेत दूसरे दलों का पूर्वांचल में गणित गड़बड़ा गया है।
 
मुलायम सिंह यादव ऐसे राजनेता हैं जो समय-समय पर दूसरे राजनीतिक दलों को अपने दांव से चित करते रहे हैं। उन्होंने आजमगढ़ से चुनाव लड़ने का फैसला लेकर एक तीर से कई निशाने साधे हैं। मुलायम सिंह के एक दांव ने पूरी भाजपा को हिलाकर रख दिया। मुलायम सिंह के इस फैसले से आने वाले समय में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को सबसे ज्यादा परेशानी होने वाली है। मोदी के लिए वाराणसी से चुनाव जीतना अब उतना आसान नहीं रहेगा जितना कि पहले था। मोदी को अब वाराणसी की गलियों की खाक छाननी होगी। उन्हें अब अपने चुनाव में बहुत समय देना होगा।
 
जानकारों का मानना है कि मुलायम सिंह यादव पिछले काफी लंबे समय से यह रणनीति बनाने में जुटे थे कि मोदी को कैसे वाराणसी में ज्यादा से ज्यादा समय देने के लिए बाध्य किया जाए। मोदी वाराणसी में जितना ज्यादा समय देने को मजबूर होंगे, उतना ही वह सूबे की दूसरी सीटों पर कम समय दे पाएंगे।   
 
सपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा कहते हैं, अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे। नरेंद्र मोदी अभी तक बहुत बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे। अब उन्हें पता चलेगा कि मुलायम सिंह यादव कितने ताकतवर हैं। वे कहते हैं, चुनाव में मोदी को हार का सामना करना पड़ेगा। वाराणसी की जनता मोदी के मायाजाल में नहीं फंसने वाली है। भाजपा के बड़े नेता कहते फिर रहे हैं कि पूरे देश में पार्टी की लहर है। अगर ऐसा है तो फिर हर नेता सेफ सीट क्यों ढूंढ रहा है। भाजपा में टिकटों के वितरण को लेकर जिस तरह का घमासान देखने को मिल रहा है उससे लोगों को समझ में आ गया है कि भाजपा का मतलब भारतीय झगड़ा पार्टी है। लोकसभा चुनाव में भाजपा का सफाया हो जाएगा।
जनादेश इलेक्टलाइन  कि  साझापहल 
 
 
अन्य खबरें
 

Cricket Live!

SunStar online
 
 
 

Electline Leader

Electline सेवाएं

Voters's view for election



आपके विचार से अगले चुनाव मे आपकी लोक सभा क्षेत्र से कौन सी पार्टी जीतेगी?

कृपया अपनी लोक सभा चुने