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संघ का बिना नाम लिए अशोक गहलौत ने कहा -लोकसभा चुनाव में फिर धांधली हो सकती है
Publish Date :
03/20/2014

 जयपुर । राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलौत को आशंका है कि विधान सभा चुनाव की तरह राजस्थान में लोकसभा चुनाव में भी कुछ ताकते धांधली कर सकते है ।गहलौत ने यह बात जनादेश से बात करते हुए कही ।उन्होंने जो संकेत दिया उससे चुनाव में संघ परिवार की भूमिका साफ़ नजर आ रही है । गौरतलब है कि भाकपा के राज्य सचिव तारा सिंह सिद्धू ने तो साफ़ आरोप लगाया कि विधान सभा चुनाव में संघ परिवार के कार्यकर्ताओं ने राजस्थान में बड़े पैमाने पर धांधली की । घर घर मतदान की पर्चियां पहुँचाने का जिम्मा आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का था जिसे संघ ने अप्रत्यक्ष तरीके से अपने हाथ में लेकर विधान सभा चुनाव में धांधली की । इस मुद्दे के साथ ही कुछ अन्य मुद्दों पर अशोक गहलौत से जो बातचीत हुई उसके कुछ अंश ।

राजस्थान विधान सभा के चुनाव नतीजों को लेकर बहुत से लोगों को हैरानी थी और यह भी आरोप है कि कुछ धांधली भी हुई है ?
गहलौत -धांधली तो हुई है और यह दो स्तर पर नजर आती है ।मतदान की जो पर्चियां बांटी गई उसमे पहचान कि जाँच में फोटोकापी को भी मान्य कर दिया गया जिसका मुख्य विपक्षी दल ने बेजा फायदा उठाया ।दुसरे मेरा साफ़ कहना है कि ईवीएम मशीनों का मतदान में दुरूपयोग भी किया गया है और ऐसी कई शिकायते मिली है ।इसका समाधान निकालना होगा ।विश्व के कई विकसित देशों में पहले इन मशीनों का इस्तेमाल हुआ और फिर धांधली का पता चलने पर इसे वापस कर दिया गया या उसके साथ ही एक स्लिप वाली व्यवस्था की गई ताकि कोई गड़बड़ होने पर चेक किया जा सके । चुनाव आयोग को इस बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और ईवीएम मशीन के साथ ऐसी ही कोई पुख्ता व्यवस्था करनी चाहिए।
क्या इसी वजह से कांग्रेस और भाजपा के मतों में भारी अंतर आया ?
हां ,एक वजह यह भी हो सकती है । पर इसके साथ और भी कई वजह है ।
अन्य वजह क्या हो सकती है ?
भाजपा ने सरकार की उपलब्धियों का इतना नकारात्मक दुष्प्रचार किया की लोग भ्रमित हो गए ।
ऐसी उपलब्धियां क्या रही जिससे आपको काफी भरोसा था ?
हमने तो बहुत से ऐसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम किया जो अन्य राज्यों में नहीं मिलेगा । राजस्थान में आम आदमी का इलाज ही नहीं हर तरह के मेडिकल टेस्ट मुफ्त कर दिए गए । दवाएं मुफ्त दी गई ।मवेशियों का इलाज मुफ्त किया गया ।मवेशियों के लिए भी मुफ्त दावा का इंतजाम किया ।स्वास्थ्य क्षेत्र में यह सब काम काफी महत्वपूर्ण था ।इसी तरह गरीब महिलाओं के लिए पेंशन की योजना से लेकर परिवहन की बसों तक में उन्हें विशेष छुट दी गई ।किसानो के लिए ब्याज मुक्त फसल ऋण योजना आदि जैसी बहुत सी योजनाओं कि शुरुआत की गई यह पहल सभी क्षेत्रों में हुई ।जयपुर में मेट्रो को शुरू किया गया।पर इन सब पर भाजपा का दुष्प्रचार भरी पड़ गया ।
क्या ऐसा नहीं लगता है कि भाजपा के आक्रामक चुनाव प्रचार अभियान का मुकाबला कांग्रेस उस तेवर में नहीं कर पाई ?
इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता पर वे अपने अभियान से लोगों को भ्रमित करने में कामयाब रहे यह सच है ।
लोकसभा चुनाव में भी क्या ऐसे ही नतीजे रहेंगे ?
साठ दिन में लोगों को काफी फर्क नजर आया है ।इसलिए हमारे वोट में जो गिरावट आई थी उसमे बहुत फर्क पड़ सकता है ।
आपके समय में जो दंगा हुआ उसे भी चुनावी मुद्दा बनाया गया ?
उसे दंगा नहीं कहना चाहिए वह एक हिंसक घटना थी जो शाम को हुई और सुबह तक उसपर काबू पा लिया गया । कट्टरपंथी ताकते जो चाहती थी वह हो नहीं सका और फ़ौरन कड़ी कार्यवाई की गई ।
आपने बताया कि विकास कि चौतरफा पहल के बावजूद आप हार गए जबकि मोदी विकास के नाम पर ही माहौल बना रहे है ।
यह हो सकता है कि हम आम लोगों तक अपनी बात मजबूती से नहीं पहुंचा पाएं हो ।वे तो झूठ बोलकर भी माहौल बना सकते है ।
जनादेश एलेक्टलाइन  कि  साझापहल 
 
 
 
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