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आशुतोष महाराज पर स्‍टेटस रिपोर्ट आज: डॉक्टर बोले- डेड, जबकि भक्तों के लिए समाधि में
Publish Date :
02/05/2014

चंडीगढ़. आठ दिन से न नब्ज है न धड़कन। डॉक्टर ‘क्लिनिकली डेड’ घोषित कर चुके हैं, लेकिन भक्तों के लिए बाबा ‘गहन समाधि’ में है। मामला पंजाब के दिव्य ज्योति संस्थान, नूरमहल के संस्थापक आशुतोष महाराज से जुड़ा है। संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज 27 जनवरी से इसी अवस्था में हैं। उनकी देह फ्रीजर में है।
 
मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। सरकार आज इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी। केस में एक ट्विस्ट और है। खुद को आशुतोष महाराज का पुराना ड्राइवर बताने वाला पूर्ण सिंह भी हाईकोर्ट पहुंच गया है। उसका दावा है कि संपत्ति ट्रांसफर करने व गद्दी बदलने के लिए आश्रम ने आशुतोष महाराज को बंधक बनाकर रखा है। कोर्ट ने आश्रम को नोटिस भेज 11 फरवरी तक जवाब मांगा है।
डॉक्टर बोले- न दिल धड़क रहा है, न नब्ज चल रही
 
27 जनवरी की रात आशुतोष महाराज के असामान्य शारीरिक लक्षणों को देखकर उनके शिष्यों ने अपोलो अस्पताल (लुधियाना) से डॉक्टरों की टीम बुलाई थी। कहा जा रहा है कि तब एक डॉक्टर ने महाराज को मृत बताया था। कहा था- दिल नहीं धड़क रहा। नब्ज भी नहीं चल रही।
 
भक्तों का दावा -12 साल पहले भी ली थी समाधि
 
आशुतोष महाराज के भक्तों का कहना है कि महाराज ने 12 साल पहले भी इसी तरह समाधि ली थी। स्वामी विशालानंद के अनुसार, महाराज जी ‘गहन समाधि’ में लीन हैं। इसके कारण शरीर निष्क्रिय हो जाता है। ‘जड़’ देह को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ‘क्लिनिकल डेथ सिंपटम्स’ कहता है।
 आशुतोष महाराज ने 1983 में जालंधर के नूरमहल में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की स्थापना की थी। देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। एक गर्वनिंग बॉडी है, जो धार्मिक प्रचार के साथ-साथ आयुर्वेद मेडिसिन बनाने, साहित्य प्रकाशन, मीडिया और आश्रम का संचालन देखती है। पंजाब के अलावा, हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार व एमपी में आश्रम की बड़ी शाखाएं हैं। देशभर में संस्थान से जुड़े हजारों अनुयायी हैं।

 
 
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