Constituency-wise Result Finder : General Elections India
पूर्वांचल में नरेंद्र मोदी के मैजिक पर मुलायम सिंह लगा सकते हैं ब्रेक
Publish Date :
03/27/2014

 आजमगढ़, 21 मार्च। भारतीय जनता पार्टी के नेता दावा कर रहे हैं कि पूरे देश में भाजपा की लहर है। नरेंद्र मोदी का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। भाजपा के लोग मोदी के मैजिक के सहारे केंद्र की सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं लेकिन पूर्वांचल में मोदी के मैजिक का तिलिस्म टूटता नजर आ रहा है। वह भी तब जबकि मोदी खुद वाराणसी से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव के आजमगढ़ से चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद से यहां राजनीतिक माहौल बहुत तेजी से बदला है। अपनी रैलियों के जरिए यूपी में नरेंद्र मोदी को पहले ही कड़ी टक्कर दे चुके मुलायम सिंह यादव अब चुनाव में उन्हें सीधे चुनौती दे रहे हैं। पूर्वांचल के मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखकर ऐसा लग रहा है कि यहां भाजपा को वैसी अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाएगी जैसा उसके नेता सोच रहे थे।  
एक तरफ जहां मुलायम सिंह यादव को अपने बीच पाकर उत्साहित सपा के लोग पार्टी उम्मीदवारों को जिताने के लिए चुनाव प्रचार में जुट गए हैं वहीं  दूसरी तरफ भाजपा में टिकटों के बंटवारे को लेकर ऐसा घमासान मचा है जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्वांचल के कई जिलों में भाजपा के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता टिकटों के बंटवारे से इस कदर नाराज हैं कि वे पार्टी के शीर्ष नेताओं के खिलाफ धरना-प्रदर्शन के साथ ही उनके पुतले फूंक रहे हैं। देवरिया, सलेमपुर, डुमरियागंज, बस्ती, घोसी, श्रावस्ती, इलाहाबाद समेत कई लोकसभा क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी ने जो उम्मीदवार उतारे हैं वे पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को फूटी आंख नहीं सुहा रहे हैं। टिकटों के बंटवारे में हो रही खींचतान की वजह से पार्टी अभी तक 80 में से 70 सीटों के लिए ही उम्मीदवार तय कर सकी है। मिर्जापुर जैसी सीट के लिए भाजपा ने अभी तक उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही कहते हैं, हमारी पार्टी के कुछ बड़े नेता ही नरेंद्र मोदी के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। पार्टी ने जिस तरह टिकट बांटा है उसे देखकर लगता है कि कुछ लोग मोदी के मिशन को सफल नहीं होने देना चाहते हैं। पूर्वांचल में टिकट बंटवारे में बहुत गड़बड़ हुई है। पार्टी ने जनाधार वाले जिताऊ लोगों की जगह ऐसे लोगों को टिकट दे दिया है जिनका कोई जनाधार नहीं है।    
लोकसभा की 32 सीटों को अपने सीने में समेटे पूर्वांचल को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। 2009 के लोकसभा चुनाव में सपा ने बहुत विपरीत परिस्थितियों में चुनाव लड़ा था, लेकिन उसके बावजूद उसे 10 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। मुलायम सिंह यादव किसी भी कीमत पर अपने इस गढ़ को खोना नहीं चाहते हैं। पिछले कुछ महीनों से उन्हें यह रिपोर्ट मिल रही थी कि इस बार पूर्वांचल में सपा की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार होने के बावजूद पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में निराशा है। सपा नेताओं की आपसी गुटबाजी के चलते ज्यादातर जिलों में संगठन निष्क्रिय हैं।
मुलायम सिंह यादव ने ये रिपोर्टें मिलने के बाद कई बार सार्वजनिक रूप से पार्टी के नेताओं को कड़ी फटकार लगाई। पार्टी नेताओं से आपसी गुटबाजी को खत्म करके संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने को कहा। उन्होंने पार्टी के लोगों से यहां तक कहा कि ये चुनाव उनका है। चुनाव में कहीं कोई गड़बड़ नहीं होनी चाहिए। सपा प्रमुख की फटकार के बाद हालात में कुछ बदलाव जरूर आया लेकिन सब कुछ ठीक नहीं हुआ।
इसके बाद सपा प्रमुख ने अपने गढ़ को बचाने के लिए मास्टर स्ट्रोक खेला। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर राम गोपाल यादव ने जैसे ही मुलायम सिंह की आजमगढ़ से उम्मीदवारी का ऐलान किया, पूर्वांचल में सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जैसे संजीवनी मिल गयी । बलिया से सपा सांसद और लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार नीरज शेखर कहते हैं कि नेताजी के फैसले से पूर्वांचल में पार्टी में नई जान आ गई है। नेताजी के इस फैसले का चुनाव में पार्टी को भारी लाभ मिलेगा। पूर्वांचल में सपा का डंका बजेगा। पूर्वांचल की किसी भी लोकसभा सीट को देखिए, सब जगह सपा उम्मीदवारों का बोलबाला है। नरेंद्र मोदी के मैजिक के बारे में पूछने पर नीरज शेखर कहते हैं, मोदी को उत्तर प्रदेश की जनता ऐसा सबक सिखाएगी जिसे वे जीवन भर याद रखेंगे।
समाजवादी पार्टी के बलिया जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह कहते हैं, पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव की धूम है। सभी लोकसभा क्षेत्रों में सपा उम्मीदवारों ने अपने विरोधियों पर बढ़त बना ली है। नेताजी के आजमगढ़ से चुनाव लड़ने से पूरा पूर्वांचल गदगद है। पूर्वांचल में इस बार किसी भी राजनीतिक पार्टी की दाल नहीं गलने वाली है। नरेंद्र मोदी हवा-हवाई नेता हैं। पूर्वांचल की जनता उनके फरेब में नहीं आने वाली है।
सपा मुखिया के आजमगढ़ से चुनाव लड़ते ही पूर्वांचल के सभी जिलों में सपा के नेता और कार्यकर्ता सक्रिय हो गये हैं। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय  सुबह से लेकर देर रात तक लोगों से गुलजार रहने लगे हैं। पार्टी के नेता गुटबाजी और आपसी मतभेदों को भूलकर चुनाव प्रचार में जुट गए हैं।
गोरखपुर से सपा की उम्मीदवार राजमती निषाद कहती हैं, नेताजी ने आजमगढ़ से चुनाव लड़ने का फैसला करके सपा के लोगों में नई जान डाल दी है। आप देखिएगा पूर्वांचल में ज्यादातर सीटों पर सपा उम्मीदवारों को विजय मिलेगी। चुनाव में मोदी चारों खाने चित हो जाएंगे। नेताजी नरेंद्र मोदी को गुजरात वापस भेजकर ही दम लेंगे। लोकसभा चुनाव में पूर्वांचल में इस बार पार्टी पिछली बार के मुकाबले ज्यादा सीटें जीतेगी।

 

जनादेश इलेक्टलाइन  कि  साझापहल 

 
 
अन्य खबरें
 

Cricket Live!

SunStar online
 
 
 

Electline Leader

Electline सेवाएं

Voters's view for election



आपके विचार से अगले चुनाव मे आपकी लोक सभा क्षेत्र से कौन सी पार्टी जीतेगी?

कृपया अपनी लोक सभा चुने