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नीलगिरी में कांटे की लड़ाई में फंसे ए राजा
Publish Date :
03/20/2014

 ऊटी । 'आपका वोट ही मेरे लिए क्लीन चिट  है ।' यह अपील पूर्व संचार

मंत्री आंदिमुथू राजा की अपने क्षेत्र के लोगों से थी ।राजा ने बड़े
धूमधाम से अपने चुनाव क्षेत्र नीलगिरि में चुनाव अभियान की  शुरुआत कर दी
है । समर्थकों ने पटाखे फोड़े और आतिशबाजी की ।नीलगिरी दक्षिण भारत का एक
रमणीय हिल स्टेशन है जो अंग्रेजों के ज़माने से आभिजात्य वर्ग के लिए
गर्मियों का घर बन जाता है । ज्यादातर फिल्मों की यहाँ शूटिंग चलती रहती
है और दक्षिण कि फ़िल्मी हस्तियों से लेकर कई राजनेताओं का यहाँ नामी
बेनामी काटेज भी है ।
 
एक दशक पहले देश की राजनीति में शायद ही कोई राजा के नाम से परिचित था,
और तो और उनके अपने चुनावक्षेत्र नीलगिरी में भी लोग राजा की शख्शियत से
अनभिज्ञ थे। गौरतलब है कि वर्ष २००९ के
 लोकसभा चुनाव में नीलगिरी  में बाहर से आकर पहली ही बार भारी  मतों में
जीतकर राजा ने  न सिर्फ अपना दबदबा दिखाया बल्कि करूणानिधि के भी करीब आ
गए । पर ए राजा चर्चा में टू जी घोटाले बाद ही आए ।  वे उत्तर से दक्षिण
तक चर्चित हो गए ।लगभग दो लाख करोड़ के घोटाले में में फंसे अब ए राजा
अपने निर्वाचन क्षेत्र में कह रहे है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ है । सही
बात तो यह है कि वे कारपोरेट घरानों और मीडिया की लड़ाई में मोहरा बन गए
गए थे।राजा की इस सफाई पर लोगों ने कितना यकीन किया यह तो नतीजे ही
बताएंगे ।पर राजा फिलहाल इस खुबसूरत और ठंडे अंचल में पसीना तो बहा ही
रहे है ।
नीलगिरि के तक़रीबन दस लाख मतदाता छह  चुनाव  क्षेत्रों  मेट्टूपलायम,
गुडालूर , भवानी सागर , कुन्नूर, ऊटी और अविनाशी में फैले हुए है । राजा
के समर्थकों ने खूब आतिशबाजी कर के
 उनके चुनाव अभियान की शुरुआत की । राजा ने भी बड़े आत्मविश्वास से  कहा
के वे भ्रष्टाचार के खिलाफ है. पर उनका यह आत्मविश्वास कितनी देर  चलेगा
क्योकि नीलगिरि का मौसम बदला दिख रहा है।  दरअसल राजा को लगता है कि ऊटी
कुन्नूर पहाड़ों के लोगों याद रखेगे कि कैसे संचार मंत्री होकर भी
उन्होंने  वक़्त वक़्त पर अपने चुनाव क्षेत्र आकर जनता के सुख दुःख में
साथ दिया था । पर जो माहौल पूरे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बना है उससे
नीलगिरि अछूता रहे यह संभव नहीं दिखता । कुन्नूर के  एम्बी रामन का मानना
है कि नीलगिरि के लोग इस बार मोदी के विकास के दावों को परखना चाहते है.
उन्हें लगता  है कि भाजपा का दुसरे स्थानीय दलों से तालमेल उसे बेहतर
परिणाम दिला सकता है। जाहिर है भाजपा का तीसरा मोर्चा भी राजा को परेशानी
में डाल सकता है।  शयद लोगों को पता न हो कि कोटानाडु में मुख्यमंत्री
जयललिता का घर हैऔर वे नियमित तौर पर वहाँ आती हैं और अपने क्षेत्र में
सक्रिय भी रहती है।कोटागिरी की रंजना ने कहा - मुख्यमंत्री  जयललिता ने
लोगों को बहुत सुविधाए दिलाई है, इसलिए लोग उनसे खुश है।ऐसे में इस अंचल
में समीकरण बदल जाएं तो हैरानी नहीं होनी चाहिए ।राजा का चुनाव अभियान
अभी शुरूआती चरण में है, पर ये साफ़ दिख रहा है कि राजा के लिए यह चुनाव
अब आसान नहीं है ।स्थानीय लोगों का मानना है कि टक्कर कांटे की होगी।
जनादेश एलेक्टलाइन  कि  साझापहल 
 
 
 
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